Chandragupt (Play) by Jaishankar Prasad_Paperback
हिन्दी के छायावाद युग के चार स्तम्भों में से एक माने जानेवाले, जयशंकर प्रसाद ने हिन्दी साहित्य पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उनका महाकाव्य कामायनी उनकी सबसे प्रसिद्ध रचना है। कविता, नाटक, कहानी, उपन्यास सभी विधाओं में लिखनेवाले जयशंकर प्रसाद ने कई ऐतिहासिक और पौराणिक नाटक लिखे हैं, जिसमें से स्कंदगुप्त, चन्द्रगुप्त और ध्रुवस्वामिनी उल्लेखनीय हैं।
1931 में लिखा नाटक चन्द्रगुप्त मौर्य साम्राज्य के संस्थापक के उत्थान की कहानी है। इसमें चाणक्य के प्रतिशोध और विश्वास की कथा है। अपनी सत्ता को बनाये रखने के लिए कैसे राजनीति, कूटनीति, षड्यंत्र और द्वेष का प्रयोग किया है - यह सब इस नाटक में दर्शाया गया है। चन्द्रगुप्त जयशंकर प्रसाद के तीन ऐतिहासिक नाटकों में से एक है।
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