Hindi Sahitya Ka Itihas (Literary Reference) by Acharya Ramchandra Shukla_Paperback
आदिकाल से आधुनिक काल तक हिन्दी साहित्य का इतिहास को सबसे व्यवस्थित और प्रामाणिक माना जाता है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने इसे हिन्दी शब्द सागर की भूमिका के रूप में लिखा था। 1929 में यह स्वतंत्र रूप से प्रकाशित हुआ। तब से लेकर आज तक हिन्दी के हर छात्र] अध्यापक और शोधार्धियों के लिए यह एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
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