Har Haal Begane
प्रसिद्ध लेखिका मृदुला गर्ग कहानी, उपन्यास, नाटक, निबंध, यात्रा-वृतांत सभी विधाओं में लिखती हैं। इनकी लेखन शैली लीक से हटकर है जो पाठक को शुरू से अंत तक बांधकर रखती है। लोकप्रियता के साथ उन्हें आलोचनात्मक सराहना भी प्राप्त है। उनकी रचनाएँ कई भारतीय और विदेशी भाषाओँ में अनूदित हैं। उन्हें व्यास सम्मान, साहित्यकार सम्मान, साहित्य भूषण और 2013 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया है।
अपनी अनगिनत विदेश-यात्राओं में लेखिका को वहां बसे भारतीय से मिलने-जुलने, उनको जानने और समझने का मौका मिला। उन्हीं को आधार बनाकर मृदुला गर्ग ने ये कहानियां लिखीं हैं। चालीस वर्षों की लम्बी अवधि में अलग-अलग समय पर प्रवासी भारतीयों पर लिखी उनकी ये कहानियां पाठक के मन पर अपनी अमिट छाप छोड़ती हैं।
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