Meri Priya Kahaniyaan
अश्क एक प्रगतिशील यथार्थवादी लेखक थे जिनकी कहानियों में सचाई का बहुत ही दिल को छूने वाला वर्णन मिलता है। बीस साल की उम्र में उनकी कहानियों का पहला संग्रह प्रकाशित हुआ और उनकी दूसरी कहानी-संग्रह की भूमिका मुंशी प्रेमचन्द ने लिखी थी। अपने को लेखन में पूरी तरह समर्पित करने से पहले उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो और अखबारों में पत्रकार के रूप में भी काम किया और कई हिन्दी फिल्मों की पटकथा और संवाद भी लिखे। कहानी, नाटक और कविता के अलावा उन्होंने संस्मरण भी लिखे। अश्क की कहानी ‘डाची’ हिन्दी और उर्दू लेखन में एक मील का पत्थर मानी जाती है।
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