Arjun

Arjun
Hindi
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978-9-350-64124-8
महान महाकाव्य 'महाभारत' के अर्जुन, जो पांडवों में तीसरे स्थान पर थे- एक सर्वश्रेष्ठ धनुर्धारी ही नहीं- भगवान कृष्ण के भी परम भक्त थे और हमेशा उनसे निर्देश लेते थे। अग्निदेव द्वारा दिए गए उनके प्रसिद्ध धनुष गाण्डीव ने उन्हें सदैव अजेय बनाए रखा। महाभारत के महान योद्धा अर्जुन की यह कहानी उनके जीवन की विभिन्न घटनाओं को दर्शाती है। महाभारत युद्ध के समय अर्जुन के मन में जो संशय और दुविधा उत्पन्न हुई उसके फलस्वरूप हिंदू धर्म के कालजयी ग्रंथ 'भगवदगीता' की रचना हुई।