Guru Nanak

Guru Nanak
Hindi
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978-9-350-64123-1
सिख पंथ के पहले गुरु और संस्थापक गुरु नानक का जन्म यद्यपि एक क्षत्रिय (योद्धा) परिवार में हुआ था, लेकिन बचपन में ही उनकी रुचि अधिकतर धर्म के कार्यों में ही दिखाई देती थी। 'न कोई हिंदू है न मुसलमान है' उनके इन शब्दों ने सिख पंथ की स्थापना की प्रेरणा दी- जो इन दोनों धर्मों के विचारों से बना था। सिख ग्रंथ के अनुयायी सिख कहलाए जो परमेश्वर से डरने वाले और लोगों की सेवा में समर्पित थे। उनका जन्म-स्थान तलवंडी जिसे आजकल ' ननकाना साहेब' कहते हैं- आज के पाकिस्तान में है और संसार के सभी सिखों के लिए एक पवित्र स्थान है। हिंदू और मुसलमानों द्वारा समान रूप से पूजे जाने वाले गुरु नानक सच्चाई, प्रेम और विनम्रता का प्रेरणास्पद उदाहरण हैं। पुस्तक में दिया गया ' रोटी कथानक' हमें ईमानदार जीवन जीने की प्रेरणा देता है।