Ravindranath Tagore
Hindi
बहुमुखी प्रतिभा से संपन्न रवीन्द्रनाथ टैगोर ने अपने रचनात्मक कार्यों द्वारा उस समय के भारतीय समाज को एक उद्देश्य, निर्देश तथा कार्यक्रम देते हुए आज़ादी के आंदोलन में बड़ी भूमिका अदा की। टैगोर, जो 'गुरुदेव' के नाम से अधिक जाने जाते थे, ने शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्नता लाने के लिए भारतीय परम्परावादी शैली को नया जीवन देने के उद्देश्य से 'गुरुकुल' सरीखे संस्थान 'शांति निकेतन' की स्थापना की।
रवीन्द्रनाथ टैगोर जिन्होंने भारत व बांग्लादेश के राष्ट्रगान की रचना की तथा साहित्य के क्षेत्र में भारत को पहला नोबेल पुरस्कार दिलाया, पर लिखी यह पुस्तक आपको इनके विषय में और अधिक जानने को प्रेरित करेगी।
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