Naya Bani Mohabbat Mein

Naya Bani Mohabbat Mein
Hindi
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978-9-349-16234-1
₹ 139.00 ₹ 199.00
‘‘इरशाद ख़ान ‘सिकन्दर’ की भोजपुरी ग़ज़लें इस अर्थ में अनूठी हैं कि उन्हें ‘ग़ज़ल’ के अतिरिक्त कुछ और नहीं कहा जा सकता और वे भोजपुरी मिज़ाज और रहन-सहन में पूरी तरह डूबी हुई हैं। इन भोजपुरी ग़ज़लों में वही फ़िक्र है जिसने इरशाद ख़ान ‘सिकन्दर’ को समकालीन ग़ज़ल में एक अलग पहचान दी है।’’ - प्रो. वागीश शुक्ल (वरिष्ठ आलोचक व पूर्व प्रोफ़ेसर आईआईटी दिल्ली) भोजपुरी भाषा के साहित्य को समृद्ध करती 51 ग़ज़लों का यह संग्रह इरशाद ख़ान ‘सिकन्दर’ के दुनिया से जाने के बाद प्रकाशित हो रहा है। 8 अगस्त 1983 को संत कबीर नगर, उत्तर प्रदेश में जन्मे इरशाद ख़ान ‘सिकन्दर’ को कोई विशेष औपचारिक शिक्षा का अवसर नहीं मिला। इसके बावजूद उन्हें हिन्दी, उर्दू, भोजपुरी की गहरी समझ थी और तीनों भाषाओं में वे निपुण थे। हिन्दी में उनके तीन ग़ज़ल-संग्रह - दूसरा इश्क़, आँसुओं का तर्जुमा, चाँद के सिरहाने लालटेन और तीन नाटक - अमीरन उमराव अदा, जौन एलिया का जिन, ठेके पर मुशाइरा प्रकाशित हुए हैं। आँसुओं का तर्जुमा को 2020 में ‘अंतर्राष्ट्रीय शिवना कविता सम्मान’ और 2024 में जौन एलिया का जिन को ‘स्वयं प्रकाश स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। भोजपुरी लगभग पाँच करोड़ भारतीयों की भाषा है, आशा है कि पाठकों को यह ग़ज़ल-संग्रह अवश्य ही पसन्द आयेगा।