Shri Arvind
युवा अवस्था में स्वतन्त्रता संग्राम में क्रान्तिकारी के रूप में भाग लेने वाले एक योगी एवं दार्शनिक श्री अरविंद वेद, उपनिषद ग्रन्थों आदि पर टीका लिखी। योग साधना पर मौलिक ग्रन्थ लिखे। उनका पूरे विश्व में दर्शन शास्त्र पर बहुत प्रभाव रहा है और उनकी साधना पद्धति के अनुयायी सब देशों में पाये जाते हैं। यह कवि भी थे और गुरु भी।
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