Meri Priya Kahaniyaan
‘नई कहानी’ आन्दोलन के तत्काल बाद कथाकारों की जो पीढ़ी सामने आई, उसके सबसे प्रभासित नक्षत्रों में काशीनाथ सिंह का नाम आता है। उन्होंने हिन्दी कहानी को एक नया तेवर और मुहावरा दिया और उपन्यास-संस्मरण आदि विधाओं में भी नये मानदंड स्थापित किये। इस संकलन के लिए उन्होंने अपनी बारह कहानियाँ चुनी हैं, जो उनकी समग्र कथा-यात्रा का प्रतिनिधित्व करती हैं।
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