Main Ghoomar Naachoon
गजानन माधव मुक्तिबोध राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित लेखिका कमल कुमार का उपन्यास ‘मैं घूमर नाचूँ’ राजस्थान की पृष्ठभूमि पर आधारित है। आज के आधुनिक परिवेश में भी राजस्थान में रूढ़िवादिता और अंधविश्वास अपने चरम पर है। इसी को लेखिका ने अपने उपन्यास का आधार बनाया है। इस उपन्यास की कहानी ‘पैराडाइम शिफ्ट’ की, अर्थात् औरत के सशक्तीकरण की कहानी है। उपन्यास में राजस्थान की जीवन पद्धति, जीवनदृष्टि और मान्यताओं का निर्वाह करता समाज है। उपन्यास की नायिका कृष्णा इन्हीं सबके बीच अपने लिए नई राह बनाती है।
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