Vadh

Vadh
Hindi
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978-8-170-28790-2
₹ 123.00 ₹ 175.00
किस प्रकार एक संघर्षशील व्यक्ति, जो स्वभाव से अपराधी नहीं है, अनायास ही अपराध की धुरी लेकर एक ऐसा जाल बुनता है, जिस में वह स्वयं तो फँसता ही है, अपने पूरे परिवार को भी लपेट में ले लेता है; इसका  सूक्ष्म विवरण इस कृति में है। आधुनिक हिंदी के सबसे बेधक, विचारोत्तेजक, रोचक उपन्यासों के बीच 'वध' का स्थान सुरक्षित है।