Saat Saal
डॉ. मुल्कराज आनंद अंतरराष्ट्रीय प्रसिद्धि के लेखक हैं और उनका रचना-संसार बहुत बड़ा है। अंग्रेजी में लिखते हुए भी, उनका लेखकीय सरोकार भारतीय जन-जीवन और परिवेश से लगातार जुड़ा रहा है। उनके लेखन में देश की माटी की गंध है। 'कुली' और 'अछूत' और दो महत्वपूर्ण उपन्यास इसी बात का प्रमाण हैं।
'सात साल' पुस्तक में मुल्कराज आनंद अपने ही जीवन को कथावस्तु बनाते हैं। अपने सात वर्ष तक के बचपन को इसमें ऐसे उकेरा है कि यह पुस्तक कालजयी बन गयी है। सभी आलोचकों का मानना है कि बचपन का ऐसा संवेदनशील और मनोवैज्ञानिक चित्रण कहीं और देख पाना आसान नहीं है।
'सात साल' किसी भी पाठक वर्ग के लिए पढ़े जाने योग्य उपन्यास है जिसे फिर दोबारा भी पढ़ना चाहेंगे।
✻