Mera Jeevan Darshan
Hindi
डॉ. कर्ण सिंह ने अपने 75वें जन्मदिन पर यह पुस्तक लिखी है जिसमें उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों, मान्यताओं और विश्वासों को बहुत ही सरल और रोचक शैली में वर्णित किया है। इस पुस्तक की भूमिका में वे स्वयं लिखते हैं-‘‘देश-विदेश की यात्राएँ करते समय मुझसे प्रायः यह प्रश्न, अधिकतर युवाओं के द्वारा पूछा जाता है, ‘आपका जीवन-दर्शन क्या है?’ साधारण-सा लगने वाला परंतु भारी प्रश्न है यह! मैं वेदांत, उपनिषद तथा श्रीअरविंद इत्यादि के दर्शन पर लंबे-चौड़े भाषण देता हूँ, परंतु उनसे इस प्रश्न का समाधान नहीं होता। मैं 75 वर्ष का हो रहा था, मैंने सोचा कि अपने विचारों को स्पष्ट करने का यह अच्छा अवसर है।"डॉ. कर्ण सिंह का जन्म (9 मार्च 1931) जम्मू-कश्मीर रियासत के महाराजा के उत्तराधिकारी के रूप में हुआ। सन् 1967 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया। एक केंद्रीय मंत्री के रूप में उन्होंने क्रमशः पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन, स्वास्थ्य एवं परिवार नियोजन तथा शिक्षा और संस्कृति मंत्रालयों का नेतृत्व किया।योगीराज अरविंद के राजनीतिक चिंतन पर शोध करके दिल्ली विश्वविद्यालय से उन्होंने पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की। जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे। आजकल आप इंडियन कौन्सिल फार कल्चरल रिलेशन्स (ICCR) के अध्यक्ष हैं।
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