Bharat Ke Pradhanmantri
Hindi
आज़ादी के बाद, शासन की जो प्रणाली भारत में अस्तित्व में आई, उसमें एक राष्ट्र और उसके जन-जीवन का सारा दारोमदार प्रधानमंत्री पर होता है। इस प्रकार एक राष्ट्र के रूप में भारत की सफलताओं और उपलब्धियों का समूचा इतिहास अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों की कार्यशैली और नेतृत्व-क्षमता में ही निहित है।
इस पुस्तक में जवाहरलाल नेहरू से लेकर अब तक सभी प्रधानमंत्रियों के जीवन चरित्र, उनके व्यक्तित्व, कार्यशैली और उपलब्धियों के ज़रिये स्वतन्त्र भारत के साठ सालों की गति-प्रगति का विवेचन किया गया है। उपन्यास जैसी सुबोध और रोचक शैली में दुर्लभ और खोजपूर्ण जानकारियों के साथ लिखी गई यह पुस्तक एक सचित्र सन्दर्भ-ग्रंथ भी है।
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