Bhartiya Sanskriti Kuchh Vichar (Hindi edition of 'The Present Crisis of Faith') (Indian Culture) by Dr. S. Radhakrishan_Hardbound
डॉ. राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक और विचारक थे । भारतीय संस्कृति के वे मूर्धन्य व्याख्याता तथा उसके समर्थक थे । भारतीय संस्कृति का वास्तविक स्वरूप उन्होंने विश्व के सामने प्रस्तुत करने का प्रयत्न किया । भारतीय संस्कृति की प्रमुख विशेषता यह है कि वह मानव के उद्बोधन का मार्ग प्रशस्त करती है । भारतीय संस्कृति घर्म को जीवन से अलग करने की बात नहीं मानती, अपितु वह मानती है कि घर्म ही जीवन की और ले जाने वाला मार्ग है और उसे बताती है कि उससे किसी को भयभीत होने की आवश्यकता नहीं-क्योंकि मानव जिन विचारों से भयभीत होता है, वे तो स्वयं उसके अन्तर में छिपे हुए हैं । मानव को उन्हीं पर विजय प्राप्त करनी है । भारतीय संस्कृति यह भी नहीं कहती कि मानव की महत्ता कभी न गिरने में हैं, वरन् मानव की महत्ता इस बात में है कि वह गिरने पर भी उठकर खडा होने में समर्थ है । उसकी महानता इस बात से आंकी जा सकती है कि वह अपनी दुर्बलताओं पर प्रभुत्व पाने में कहाँ तक समर्थ है।
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