Charitra-Nirman (Self Development) by Satyakam Vidyalankar_Paperback

Charitra-Nirman (Self Development) by Satyakam Vidyalankar_Paperback
Hindi
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978-8-170-28179-5
₹ 140.00 ₹ 200.00
व्यक्तित्व का विकास चरित्र से होता है और चरित्र से ही मनुष्य की पहचान होती है। इसलिए चरित्र-निर्माण सबके लिए महत्त्वपूर्ण है। यह पुस्तक उपदेशात्मक न होकर व्यावहारिक है और व्यक्तित्व व चरित्र-निर्माण के लिए प्रेरणच्चा-स्वीत्त के समान है। हिन्दी के यशस्वी लेखक सत्यकाम विद्यालंकार की एक अत्यंत लोकप्रिय पुस्तक - जिसके अव तक अनेक संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं।